रियाद में बिहार अंजुमन रियाद चैप्टर का भव्य मिलन समारोह
"अंधेरे को कोसने से बेहतर है कि एक मोमबत्ती जलाएं," बिहार अंजुमन द्वारा नये प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग स्कूल बिहार के नवादा खोलने का प्लान - मोहम्मद शाहीन
शाम-ए-बिहार और झारखंड का संयुक्त भव्य वार्षिक मिलन समारोह में विभिन्न प्रकार के आकर्षक कार्यक्रमों से रियाद की शाम यादगार बना दिया।
बिहार अंजुमन रियाद चैप्टर द्वारा शाम-ए-बिहार और झारखंड का संयुक्त भव्य मिलन समारोह।

एस. ज़ेड. मलिक
रियाद (सऊदी अरब) पिछले दिनों बिहार अंजुमन रियाद चैप्टर द्वारा 11 अक्टूबर को इस्तेराहा वलीद, रियाद में अपने वार्षिक सांस्कृतिक और साहित्यिक संयुक्त कार्यक्रम, शाम-ए-बिहार और झारखंड 2024 का संयुक्त भव्य मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सम्पूर्ण रियाद से बिहार झारखंड प्रवासी के सर्वो धर्मो सम्मती के आधार पर सर्वो समुदायें परिवारों के सदस्यों को एक साथ एक प्लेटफार्म पर पहली बार शामिल किया गया। 


यह समारोह शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक के माध्यम से समुदाय को सशक्त एवं विकासशील बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 450 की संख्या में प्रवासियों ने भाग लिया। जो सऊदी अरब के इत्तिहास में पहलीबार एक मिसाल बना।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप भारत से आमंत्रित श्री मोहम्मद शादां ज़ेब खान, डीआइजी दक्षिण-मध्य रेलवे रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के मुख्य सुरक्षा आयुक्त, बिहार अंजुमन के संस्थापक, इंजी. शकील अहमद दुबई, संयुक्त अरब अमीरात, और रियाद में भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव श्री मोहम्मद शारिक बद्र को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न भारतीय संगठनों के प्रतिनिधि और पूरे केएसए के कई प्रमुख शिक्षाविद् इस कार्यक्रम में उपस्थित हुए।

कार्यक्रम का संचालन बिहार अंजुमन के वरिष्ठ सदस्य श्री आबिद हुसैन ने मंच पर अतिथियों का स्वागत किया, कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज ओसामा जावेद द्वारा पवित्र कुरान का पाठ पढ़ कर किया गया।

शाम-ए-बिहार और झारखंड का संयुक्त भव्य वार्षिक मिलन समारोह में विभिन्न प्रकार के आकर्षक कार्यक्रमों से रियाद की शाम यादगार बना दिया। जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक प्रस्तुति और ज्ञानवर्धक भाषण में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि, जानाब मोहम्मद शादां ज़ेब खान ने शिक्षा और सामाजिक उत्थान के महत्व पर जो व्याख्यान दिए जो बेहद प्रेरणादायक था जिसे सुन कर दर्शक काफी प्रभावित हुए, उनके इस प्रेरक संदेश के लिए उन्हें काफी प्रशंसा मिली। दर्शकों ने उनके प्रेरक संदेश की दिल की गहराई से स्वीकारते हुए ज़बरदस्त प्रशंसनीय नारे लगाए जिससे पूरा सभागार गूंजा उठा।
उन्होंने बिहार अंजुमन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे सर सैयद अहमद खान के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जो ग्लैमर या प्रसिद्धि की तलाश के बजाय सार्थक प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करते हैं। आपको बताते चलें कि श्री खान ने पहले केंद्रीय वक्फ परिषद के सचिव और दरगाह ख्वाजा साहब, अजमेर के सीईओ/नाजिम के रूप में कार्य किया था। अपने आधिकारिक कर्तव्यों के अलावा, वह एक कैरियर सलाहकार भी हैं और साक्षात्कार की तैयारी पर ध्यान देने के साथ सिविल सेवाओं के लिए कोचिंग प्रदान करते हैं।

वही आमंत्रित बिहार अंजुमन रियाद चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद अबुल फराह ने अपने स्वागत भाषण में उपस्थित लोगों, प्रायोजकों और स्वयंसेवकों को उनके अटूट समर्थन के लिए धन्यवाद दिया, यह देखते हुए कि कार्यक्रम की सफलता आयोजन टीम की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने रियाद चैप्टर की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया और बिहार के नवादा जिले में बिहार अंजुमन का पहला स्कूल खोलने सहित भविष्य की परियोजनाओं को साझा करते हुए समारोह में स्कूल प्रोजेक्ट को कम्प्लीट करने के लिए उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि इसमे परियोजना में बढ़ चढ कर भाग लेने और अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
वही आमंत्रित मोहम्मद शाहीन, बिहार अंजुमन रियाद चैप्टर के पूर्व अध्यक्ष एवं संस्थापक सदस्य ने दर्शकों संबोधित करते हुए कहा “अंधेरे को कोसने से बेहतर है कि एक मोमबत्ती जलाएं,” उन्होंने रियाद चैप्टर की उप्लब्धियाँ में एक नए परियोजनाओं पर विस्तार चर्चा करते हुए कहा कि बिहार के नवादा जिले में बिहार अंजुमन अपना पहला स्कूल खोलने जा रहा उन्होंने समारोह में अपील करते कहा मैं उम्मीद करता हूँ कि इस स्कूल प्रोजेक्ट में अधिक से अधिक लोग भाग लेकर अपना बहुमूल्य योगदान देने के लिए आगे आएं। ताकि समुदायें के गरीब बच्चे अच्छे शिक्षा से वंचित न रह जाएं इसके आपका सहयोग अर्निवार्य है।
बिहार अंजुमन के संस्थापक इंजी. शकील अहमद ने इसकी प्रमुख उपलब्धियों और मील के पत्थर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिहार अंजुमन की अब तक की प्रेरक यात्रा मील का पत्थर था जो बिहार अंजुमन ने उसे वैश्विक स्तर पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से वंचितों के उत्थान के लिए बिहार अंजुमन के मिशन को जारी रखने के महत्व पर जोर दिया।
इस अवसर पर बिहार अंजुमन रियाद चैप्टर द्वारा आयोजित ऑनलाइन भाषण और निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा इस अवसर पर (श्री सेराज अकरम द्वारा लिखित एक पुस्तक “तलाश”) का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम का समापन बिहार अंजुमन के उपाध्यक्ष श्री तौकीर नासिर ने धन्यवाद ज्ञापन में प्रशंसनीय लहजे में कहा, मुझे गर्व हो रहा है कि इतनी बड़ी संख्या दर्शकों का इस समारोह में पूर्ण सहयोग व समर्थन की जितनी भी सराहना की जाए वह कम ही होगी। उन्होंने बिहार अंजुमन, रियाद चैप्टर टीम के सदस्यों और स्वयंसेवकों (श्री सेराज अकरम, श्री अमानुल्लाह, श्री मोहम्मद मिफ्ताउद्दीन, श्री दानिश शेख, डॉ. अलीमुद्दीन और श्री फरमान) के सभी प्रायोजकों और कड़ी मेहनत और ईमानदारी के साथ सहयोग और समर्थन की भी सराहना करते हुए सभी का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। अहमद, श्री अफाक अख्तर, श्री इम्तेयाज अहमद, श्री ज़ेया खान, श्री मोहम्मद मतीन, श्री साजिद हुसैन, प्रो. फैसल कमाल और श्री रफीक अहमद) को इस भव्य कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद। श्री तौकीर ने सभी प्रायोजकों, (भूटानी इंफ्रा, इकरा कॉलोनी पटना, अफाक अल मलाज़ ट्रेडिंग, शाइन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, सुभान बेकरी, पैसिफिक हेल्थ, अवध, अल-कबीर, इंडिया न्यूज स्ट्रीम, आरएनबी ट्रांसपोर्ट, इन्वेस्टो हलाल,) द पाथफाइंडर वीज़ा, अक्मा इंटरनेशनल, स्मार्ट प्रिंटिंग एंड एडवरटाइजिंग, स्क्वायर यार्ड्स, इमरान गल्फ इंडस्ट्रीज) को शाम-ए-बिहार और झारखंड 2024 की सफलता में उनके योगदान के लिए हार्दिक धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।
ज्ञात हो कि बिहार अंजुमन, एक गैर-लाभकारी और गैर सरकारी संगठन है जिसमें प्रमुख हस्तियों, व्यापारियों, पेशेवरों, चिकित्सा चिकित्सकों , शिक्षाविदों और अन्य कड़ी मेहनत करने वाले समर्पित स्वयंसेवकों की एक टीम शामिल है। बिहार अंजुमन एक सामाजिक-शैक्षिक मंच है जो बिहार और झारखंड पर ध्यान केंद्रित करते हुए वंचितों की शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए समर्पित है। छात्रवृत्ति, प्रशिक्षण, कैरियर मार्गदर्शन, शिक्षा जागरूकता और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से, बिहार अंजुमन हाशिए पर रहने वाले समुदायों के उत्थान और जीवन मे स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयासरत है।
यदि आप धन-मन सामाजिक समरसता के धनी और सक्षम, तो दान ज़रूर दीजिये लेकिन प्रोफेशनल भिखारियों को नही, उससे आपका कभी कल्याण नहीं होगा, यदि आपको देना ही है तो पहले अपने घर परिवार के उनलोगों देखिये जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे और उन घरों में प्रतिभाशाली बच्चों का भविष्य अंधकारमय है, उनका चयन कीजिय उन्हें अपनाइये और उन्हें साक्षार बनाने के लिये उनकी ज़िम्मीदारी लीजिये उन्हें शिक्षित बना कर उनके जीवन रोशन कीजिये ताकि वह भी आपकीं तरह दूसरों को रोशनी दे सकें। यह जो पुण्य कमाएंगे किसी भिखारियों दे कर नहीं कमा सकते यदि आपके आसपास कोई गरीब प्रतिभाशाली बच्चा उच्च शिक्षा हासिल करना चाहता है, उसे गोद लीजिये उसे पढ़ाइये। आप बिहार अंजुमन को कोई ऊना योगदान देना चाहते हैं तो कृपया कर बिहार अंजुमन से सम्पर्क करें और अधिक जानकारी के लिए कृपया नीचे दिए गए नम्बर पर संपर्क करें:
डॉ. मोहम्मद अबुल फराह
अध्यक्ष, बिहार अंजुमन – रियाद चैप्टर
फ़ोन # +966 598159436
ईमेल – anjumanriadh2020@gmail.com,
http://www.biharanjuman.org/

