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National Urdu Council’s Three-Day Seminar Titled ‘Future of Urdu Language in the Context…

دستور ہند کے آرٹیکل 29 میں کسی بھی سماجی طبقے کو اپنی زبان اور تہذیب کے تحفظ کا حق حاصل ہے اور اس کا استعمال کرتے ہوئے ہم اپنی زبان کے تحفظ و فروغ کے لیے کلیتاً آزاد ہیں، بلکہ اس کے لیے احتجاج بھی کر سکتے ہیں ۔ پروفیسر فیضان مصطفی نے کہا کہ…
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कौन जानता है की मौत कहां खड़ी है और दलदल कहां है – रोज़गार की तलाश में तो निकलना ही पड़ता है।

भारत को अगर सच्चे मायनों में “विश्वगुरु” बनना है, तो पहले उसे अपने युवाओं को गुरबत, ग़ुलामी और गोली से आज़ादी दिलानी होगी।
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आंगन में खिलती छह ख़ुशियाँ: किसान राजेश के बच्चों की अनूठी शादी की कथा

बेटियों के विवाह की चिंता और बेटों के घर बसाने की योजना — यह सब किसी भी आम भारतीय पिता के जीवन का हिस्सा बनते हैं।
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स्वार्थी मुसलमानों की महफील ईद मिलान में बिहार के मुख्यमंत्री सुसाशन बाबू नीतीश कुमार

अब नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा रखना भाजपा के लिए सम्भवता मुश्किल हो, परन्तु बिहार में भाजपा के पास मुख्यमंत्री का कोई चेहरा भी नही है।
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अगस्त क्रांति दोहराने की जरूरत*

नूंह और गुड़गांव में हिन्दुतत्व प्रदर्शनकारियों द्वारा आगजनी और और हिंसा कर चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया जाता है और हरियाणा सरकार द्वारा स्थानीय मुसलमानों के सैकड़ों मकान बुलडोजर से तुड़वा दिये। और हम आज़ादी के अमृत महोत्सव मनाया रहे…
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