अल्लामा इकबाल की सभा और उनकी शायरी “खिज्र राह की एक सदी” पर चर्चा – कार्यक्रम का…

शायरी की महफ़िल अल्लामा इक़बाल के बिना महफ़िल अधूरी रहती है और न उर्दू अदब का कोई अदीब इक़बाल की शायरी के बिना कहला सकता है।
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उर्दू भाषा को जीवित एवं मज़बूत बनाने के लिये राष्ट्रीय उर्दू परिषद के प्रतिनिधिमंडल का विजयवाड़ा का…

उर्दू भाषा को जीवित एवं मज़बूत बनाने के लिये परिषद निर्देशक के नेतृत्व में राष्ट्रीय उर्दू परिषद के प्रतिनिधिमंडल का विजयवाड़ा का दौरा -
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निर्भय निष्पक्ष उर्दू पत्रकारिता का एक मज़बूत पाया पत्रकार आमिर सलीम खान संसार को अलविदा कह गया।

उर्दू पत्रकारिता में एक सुन्न को शायेद कभी बाआ भरा जाएगा आमिर सलीम पत्रकार ही नही बल्कि समाज के एक युवा मार्गदर्शक भी थे वह निर्भय निष्पक्ष उर्दू पत्रकारिता का एक मज़बूत पाया थे।
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महान लेखक का एक शोध “मेरा भारत महान” पुस्तक  का वोचन

भारत मे विभिन्न प्रकार की भाषाएं जाती व धर्म होने के बावजूद हम एक दूसरे से जुड़े हुए हैं , एक दूसरे के साथ हैं केवल और केवल संविधान के प्रावधान के कारण इसी लिये मेरा भारत महान है
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