विकास का इंजन, पर असुरक्षित मध्यम वर्ग – Priyanka Saurabh
‘मिसिंग मिडिल’ की चुनौती और आर्थिक सुरक्षा का प्रश्न - यही कारण है कि विकसित देशों की आर्थिक सफलता के पीछे मजबूत मध्यम वर्ग को एक प्रमुख कारक माना जाता है। भारत भी यदि विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है तो उसे अपने मध्यम वर्ग को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाना होगा। लेकिन वर्तमान में यह वर्ग कई प्रकार की चुनौतियों से घिरा हुआ है।
भारतीय मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी शक्ति उसकी उपभोग क्षमता है। देश में घर, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, बीमा, पर्यटन और डिजिटल सेवाओं की मांग का बड़ा हिस्सा इसी वर्ग से आता है। जब मध्यम वर्ग की आय बढ़ती है तो वह अधिक वस्तुओं और सेवाओं की खरीद करता है, जिससे उद्योगों का विस्तार होता है, निवेश बढ़ता है और नए रोजगार सृजित होते हैं।
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“‘मिसिंग मिडिल’ की समस्या का एक महत्वपूर्ण पहलू सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। भारत में गरीबों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं उपलब्ध हैं, जैसे मुफ्त राशन, स्वास्थ्य बीमा, आवास सहायता और अन्य सामाजिक लाभ। दूसरी ओर उच्च आय वर्ग के पास निजी संसाधन और निवेश होते हैं, जिनसे वे जोखिमों का सामना कर सकते हैं। लेकिन मध्यम वर्ग अक्सर इन दोनों के बीच फंस जाता है। वह सरकारी सहायता योजनाओं के लिए पात्र नहीं होता, जबकि निजी सुरक्षा और सेवाओं की पूरी लागत वहन करना भी उसके लिए कठिन होता है। यही कारण है कि किसी भी अप्रत्याशित संकट की स्थिति में वह तेजी से आर्थिक अस्थिरता की ओर बढ़ सकता है।

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