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लालू प्रसाद यादव बिहार के राजनीति अखाड़े में एक बार फिर लंगोट बांधेंगे? या बेटे के लिये शिक्षक…

लालू यादव आज भी बिहार के राजनीतिक अखाड़े में व्यावस्थापक और एक रेफरी रोल बख़ूबी निभा रहे हैं। क्या लालू प्रसाद यादव बिहार के राजनीति अखाड़े में एक बार फिर लंगोट बांधेंगे? या बेटे के लिये शिक्षक प्रचारक रहेंगे?
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83%गुमराह, 17 प्रतिशत सत्तारूढ़, मुसलमान न घर के न घाट के?

अगर यह मुस्लिम रहनुमा वक़्फ़ की संपत्ति का दुरुपयोग न करते, और सही व्यावस्था देते तो आज इन्हें बिल बिलाना नहीं पड़ता, आज वक़्फ़ बोर्ड के मालिक बने बैठे होते।
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रहमानी 30 के कामयाबी के बढ़ते क़दम !

यह हदीसें बताती हैं कि व्यापार और वित्तीय प्रबंधन सिर्फ आर्थिक गतिविधियाँ नहीं, बल्कि इस्लाम में बहुत सम्मानजनक पेशे हैं, अगर उन्हें ईमानदारी और सच्चाई से किया जाए।
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होली, ईद, दीपाली आपसी भाईचारा प्यार सौहार्द और सद्भावना का प्रतीक है , न कि नफरत फैलाने का।

होली, रमज़ान, या होली के दिन जुमा या कभी ईद तो कभी बख्रीद का त्योहार सदियों से साथ आता है और हम भारतीय हिंदुस्तानी इंडियन साथ मिल कर सद्भावनापूर्ण, सौहार्दपूर्ण मिल कर खुशयां बांटते आये हैं।
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महिला पुरस्कारों की गरिमा और निष्पक्षता पर उठते प्रश्न

आज, इन पुरस्कारों की अखंडता खोने का जोखिम है-महिलाओं की उपलब्धियों में गिरावट के कारण नहीं, बल्कि इसलिए कि उनकी मान्यता का मूल अर्थ धुंधला, राजनीतिकरण या पूरी तरह से खारिज हो रहा है।
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यूक्रेन के लिए अमेरिकी समर्थन का भविष्य?

हाल ही में, यूक्रेन के साथ सैन्य सहायता और खुफिया जानकारी साझा करना रोक दिया गया है, क्योंकि अमेरिका कीव को रूस के साथ शांति वार्ता में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता है।
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सेक्स ऑब्जेक्टिफिकेशन’ के दौर में कैसे हो महिला सशक्तिकरण?

अश्लील विज्ञापनों में इस तरह का चित्रण न केवल अपमानजनक है बल्कि महिलाओं की वास्तविक स्थिति और गरिमा को भी कमज़ोर करता है।
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हनी सिंह के खिलाफ PIL पटना हाईकोर्ट में दायर

मैं तो बिहार के लोगों से इन गानों का पुरजोर विरोध करने की अपील करती हूं। उन्होंने कहा कि ऐसे गाना गाने वाले गायक और गायिकाओं पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए
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आखिर क्यों लोग वोट देने क्यों नहीं निकल रहे?

ये ज्वलंत प्रश्न समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उठाए जा रहे हैं, जो चुनावों में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट से उजागर होते हैं।
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