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मणिपुर में हिंसा को समाप्त करने और शांति बहाल करने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता:…

लगभग डेढ़ साल से चल रही यह हिंसा सवाल खड़े करती है कि सरकार या प्रशासन के कुछ अधिकारी इस संघर्ष का समर्थन करके और त्रासदी को लम्बा खींचकर अपने हितों की पूर्ति कर रहे हैं?
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जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने संभल में मुस्लिम युवकों की हत्या की निंदा की

पुलिस की कार्रवाई संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन करती है। मस्जिद समिति का पक्ष सुने बिना सर्वेक्षण का आदेश देने का निर्णय न्यायिक निष्पक्षता में गंभीर चूक को दर्शाता है।
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डा०बी०आर०अंबेडकर के सुपुत्र यशवंतराव अंबेडकर का जीवन परिचय को समझाने का प्रयास

संविधान निर्माण के योगदान के अलावा उनके परिवार के अन्य योगदानों से एससी-एससी पिछड़ी जातियों के लोगों का कोई सरोकार नहीं है, ऐसा लग रहा है।
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अंधेरों के ये जुगनू हैं उजालों पर नहीं चलते – डॉ क़ासिम खुरशीद

मुझे फूलों से बादल से हवा से चोट लगती है अजब आलम है इस दिल का वफ़ा से चोट लगती है वो जब से मर गया मुझ में न दस्तक है न बेचैनी ख़मोशी है सदा मेरी सदा से चोट लगती है
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जलवायु परिवर्तन : हम कितने तैयार हैं?

ग्लोबल वार्मिंग के कारण होने वाले जलवायु परिवर्तन के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार 'ग्रीन हाउस' गैस हैं! ग्रीन हाउस गैस, वो गैस होती है जो बाहर से मिल रही गर्मी या उष्मा को अपने अंदर सोख लेती है!
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भारत आर्थिक महाशक्ति की ओर अग्रसर

हरित क्रांति ने कृषि अर्थव्यवस्था का कायापलट किया।जहां तक उद्योग का प्रश्न है तो आजादी के बाद से ही सरकार भारत में औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रयास करती रही है।
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भारतीय लोकतंत्र की बदलती परिभाषा – सम्प्रदायिक, भ्रष्टाचार, दुराचार, आरक्जकता, और आस्था पर…

परन्तु, जब विभाजनकारी मुद्दों को उभारा जाता है, तो यह समाज में दरार पैदा करता है और असली मुद्दे हाशिये पर चले जाते हैं।
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बेंगलुरु में बड़े पैमाने पर किसानों की जमीन का अधिग्रहण – किसानों ने किया सतत संघर्ष का ऐलान

यदि जवाब हां है, तो इसे विनाशकारी विकास कहा जाएगा। जिसका किसान संगठन विरोध करते थे, करते हैं और करते रहेंगे। सरकार सुनिश्चित करे कि क्या सरकार इसे अंतिम विकल्प के तौर पर ही मानकर यह परियोजना पर आगे बढ़ रही है?
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उर्दू साहित्य एवं टिप्पणीकार चिराग़े उर्दू अब्दुल क़वी देसनवी का 94वे जयंती, और भरतीय उर्दू स्कॉलर…

उर्दु के इस अज़ीम नायक को देसनवी के पूर्वज विद्वानों के परिवार से थे, और उनका गाँव देसना, साहित्य और संस्कृति का केंद्र था, जो अपनी समृद्ध विरासत के लिए जाना जाता है।
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देश प्रति लौहपुरुष सरदार पटेल की त्याग और समर्पण को भुलाया नही जा सकता – रूमसिंह

सरदार बल्लभ भाई पटेल अंतरिम सरकार के प्रथम गृहमंत्री-उपप्रधानमंत्री ने जमींदारियों को जप्त करके भारत की गम्भीरता को समझकर निदान करने में अहम भूमिका निभाई थी।
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