ये पाखंडी और ठग ऐसा मायाजाल बुनते है कि,जिसमें स्त्रियां और बच्चे आसानी से उलझ जाते है। एक बार जैसे ही इनके चक्रव्यूह में फसे इनका बाहर आना मुश्किल हो जाता है। Read More...
मैं मोदी जी से यह पूछना चाहता हूँ कि ये उद्घाटन,लोकार्पण चुनाव के समय ही क्यों याद किए जाते हैं? यदि यही काम चार साल पहले शुरू होते तो अब तक पूरे हो गए होते। Read More...
श्मशान में एक के बाद एक जलती लाशें,साइकिल और रिक्शा पर लाशों को ढ़ोते लोग, कई शीर्ष के लोग जिन्होने कोरोना की दूसरी लहर में अपने प्राण गवां दिए, सारे के सारे दृश्य मन को विचलित करते है। Read More...