“नेताओं की देशभक्ति की अग्निपरीक्षा, सेना में बेटा भेजो, पेंशन लो!”

पेंशन कोई सम्मान नहीं, एक ज़िम्मेदारी होनी चाहिए – जो तभी मिले, जब परिवार भी राष्ट्र सेवा में उतरे। आम नागरिक के टैक्स पर ऐश करना बंद हो, अब बारी है नेता भी हिस्सा लें – सरहद पर, ज़मीन पर, और ज़िम्मेदारी में। वर्ना जनता सिर्फ सुनती रहेगी,…
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हिट _ द थर्ड केस

अगर आप एक्शन, सस्पेंस, हॉरर क्राइम थ्रिलर फिल्मों के शौकीन हैं तो आपके लिए नानी स्टारर यह फिल्म फुल पैसा वसूल है और हां कमजोर दिल के है तो जरा दिल थाम कर इस फिल्म को देखे। - मुख्य कलाकार: नानी, श्रीनिधि शेट्टी, सूर्या निवास और प्रतीक बब्बर…
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अंततः देश में जाति जनगणना: प्रतिनिधित्व या पुनरुत्थान?

वंचित समुदायों के लिए जाति जनगणना केवल गिनती नहीं है, यह उनकी दृश्यता का सवाल है। अगर समाज में कोई वर्ग आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक रूप से पिछड़ा है, तो सबसे पहले यह जानना ज़रूरी है कि वह है कहां? कितना है? डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कहा था —…
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गिर्ड द्वारा प्रशिक्षित गरीब महिलाओं को स्वयरोज़गार के लिये सिलाई मशीने वितरित

जानाब शम्शुद्दीन साहब इनकी सक्रियता देखते हुए जब मैं दिल्ली सरकार में मंत्री था तभी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड कम्पनी के सीएसआर फंड के लिये इस संस्था को रिकमेंड किया था। इमरान हुसैन,
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आंगन में खिलती छह ख़ुशियाँ: किसान राजेश के बच्चों की अनूठी शादी की कथा

बेटियों के विवाह की चिंता और बेटों के घर बसाने की योजना — यह सब किसी भी आम भारतीय पिता के जीवन का हिस्सा बनते हैं।
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यूपीएससी टॉपर या जाति टॉपर?: प्रतिभा गुम, जाति और पृष्ठभूमि का बाज़ार गर्म। 

हर दल, हर विचारधारा, हर वर्ग अपने-अपने टॉपर को पकड़कर झंडा उठाता है — “देखो, ये हमारा है!” किसी को सवर्ण गौरव चाहिए, किसी को दलित चमत्कार। और इस पूरे मेले में असली हीरो — यानी मेहनत और ईमानदारी — कहीं कोने में खड़ी, अकेली, उपेक्षित रह जाती…
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पीके का नीतीश के गढ़ नालंदा में बड़ा ऐलान – नीतीश की वादाखिलाफ़ी और सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ…

हमको मानहानि, मुकदमा और FIR से डराने वाला कोई पैदा नहीं हुआ है। जिनका आप नाम ले रहे हैं, वे जितनी बार चाहे मानहानि, एफआईआर कर दें। आपको प्रशांत किशोर किसी से डरने वाला दिखता है! - जब हमने कोई गलती नहीं की तो कोई बिहार में खड़े होकर नहीं कह…
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दिल्ली की कई महिला संगठनों की ओर से हैदराबाद में होने वाली 72वीं सौंदर्य प्रतियोगिता को रद्द करने की…

इन प्रतियोगिताओं का आयोजन करना महिलाओं के आत्मसम्मान का अपमान है, जो बाजार की जरूरतों के लिए उत्पादों को बेचने के लिए महिलाओं के शरीर की नाप तोल के जरिए शरीर के अंगों को दिखाने के लिए की जाती हैं।
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