बेन में पंचायत समिति द्वारा अनुशंसित कई पंचायतों के कई गांवो में 11 योजनाओं की शिलान्यास/उद्घाटन…

आज के समय में बिहार के ग्रामीण जनता भी शहरों में रह रहे लोगों के जैसा ही अपना जिन्दगी जी रहे है और वे आर्थिक तौर से उन्नतत होकर खुशहाली पूर्वक अपना जीवन यापन कर रहे हैं ।
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सिलमपुर में आपसी रंजिश के कारण हत्या – सम्परादायिक माहौल बनाने की कोशिश ?

उन्होंने और घर के सदस्यों ने पूरे मामले को इस तरह बताया- साहिल नाम के एक युवक की शंभू से पुरानी रंजिश थी। शंभू के भाई लाला ने भी साहिल को मारा था।
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एनसीपीयूएल में उठा कॉपीराइट का मुद्दा

एक पुस्तक पाठक, लेखक और प्रकाशक द्वारा बनाई गई है। कॉपीराइट मुद्दों को भी पुस्तक संस्कृति के प्रचार के साथ हल किया जाना चाहिए: डॉ. शम्स इकबाल
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पहलगाँम आतांकि हमला एक सोंची समझी साजिश तो नही?

इस हमले की जितनी भी आलोचना, जितनी भी भर्त्सना, जितनी भी निंदा की जाये कम कम ही होगी, लेकिन केंद्र सरकार को अपनी नीति सुनिश्चित करनी चाहिये, कहीं आतांकि के नाम पर किसी विशेष समुदायें के निदोष लोगों निशाना न बनाया जाने लगे। सिक्के के दो…
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“जोखिम ज़्यादा है, सेवानिवृत्ति के बाद नौकरी पाने की चाहत,

हमारा संविधान देश की सबसे बड़ी और सबसे ताकतवर किताब है। इसमें तीन मुख्य स्तंभ बताए गए हैं – विधायिका (संसद/विधानसभा), कार्यपालिका (सरकार), और न्यायपालिका (अदालतें)। ये तीनों एक-दूसरे से स्वतंत्र होते हैं।
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उभरती नृत्यांगना कशिका के नृत्य से मंत्रमुग्ध हुई दिल्ली की मुख्यमंत्री

नृत्यांगना कशिका बस्सी लंबे समय से अपनी मां और गुरु रेणु बस्सी से कथक नृत्य का विधिवत प्रशिक्षण ले रही है।
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बिहार हज यात्रियों के साथ बिहार सरकार का सौतेला रवैया – पूरे देश मे सब से महंगा…

गया से हज यात्रा सबसे महंगी क्यूँ ?— ₹4,01,885 प्रति यात्री- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जवाब दें, आखिर गया एयरपोर्ट के हज यात्रियों को इतना महंगा यात्रा शुल्क क्यूँ?
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पंजाबी आइकन अवार्ड्स समारोह

“बैसाखी की रात का यह वर्ष का संस्करण उद्योगों में पंजाबी उत्कृष्टता के लिए एक शानदार श्रद्धांजलि थी, जो समुदाय को आगे बढ़ाने और प्रेरित करने वाले अग्रदूतों का जश्न मनाता है।
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ज़श्न-ए-उर्दू 2025: अदब, तहज़ीब और मोहब्बत का कारवां

उर्दू, अदब, सभ्यता, संस्कार अब मंचो, सम्मेलनों, मुशायरों की शोभा बन कर रह गयी है, घरों से उर्दू अदब, सभ्यता, संस्कार सब गायब हो गई - दानिशमंद, बशाऊर लोगों की रखैल बन कर रह गयी।
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