आंगन में खिलती छह ख़ुशियाँ: किसान राजेश के बच्चों की अनूठी शादी की कथा

बेटियों के विवाह की चिंता और बेटों के घर बसाने की योजना — यह सब किसी भी आम भारतीय पिता के जीवन का हिस्सा बनते हैं।
Read More...

यूपीएससी टॉपर या जाति टॉपर?: प्रतिभा गुम, जाति और पृष्ठभूमि का बाज़ार गर्म। 

हर दल, हर विचारधारा, हर वर्ग अपने-अपने टॉपर को पकड़कर झंडा उठाता है — “देखो, ये हमारा है!” किसी को सवर्ण गौरव चाहिए, किसी को दलित चमत्कार। और इस पूरे मेले में असली हीरो — यानी मेहनत और ईमानदारी — कहीं कोने में खड़ी, अकेली, उपेक्षित रह जाती…
Read More...

दिल्ली की कई महिला संगठनों की ओर से हैदराबाद में होने वाली 72वीं सौंदर्य प्रतियोगिता को रद्द करने की…

इन प्रतियोगिताओं का आयोजन करना महिलाओं के आत्मसम्मान का अपमान है, जो बाजार की जरूरतों के लिए उत्पादों को बेचने के लिए महिलाओं के शरीर की नाप तोल के जरिए शरीर के अंगों को दिखाने के लिए की जाती हैं।
Read More...

सिलमपुर में आपसी रंजिश के कारण हत्या – सम्परादायिक माहौल बनाने की कोशिश ?

उन्होंने और घर के सदस्यों ने पूरे मामले को इस तरह बताया- साहिल नाम के एक युवक की शंभू से पुरानी रंजिश थी। शंभू के भाई लाला ने भी साहिल को मारा था।
Read More...

एनसीपीयूएल में उठा कॉपीराइट का मुद्दा

एक पुस्तक पाठक, लेखक और प्रकाशक द्वारा बनाई गई है। कॉपीराइट मुद्दों को भी पुस्तक संस्कृति के प्रचार के साथ हल किया जाना चाहिए: डॉ. शम्स इकबाल
Read More...

उभरती नृत्यांगना कशिका के नृत्य से मंत्रमुग्ध हुई दिल्ली की मुख्यमंत्री

नृत्यांगना कशिका बस्सी लंबे समय से अपनी मां और गुरु रेणु बस्सी से कथक नृत्य का विधिवत प्रशिक्षण ले रही है।
Read More...

बिहार हज यात्रियों के साथ बिहार सरकार का सौतेला रवैया – पूरे देश मे सब से महंगा…

गया से हज यात्रा सबसे महंगी क्यूँ ?— ₹4,01,885 प्रति यात्री- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जवाब दें, आखिर गया एयरपोर्ट के हज यात्रियों को इतना महंगा यात्रा शुल्क क्यूँ?
Read More...

पंजाबी आइकन अवार्ड्स समारोह

“बैसाखी की रात का यह वर्ष का संस्करण उद्योगों में पंजाबी उत्कृष्टता के लिए एक शानदार श्रद्धांजलि थी, जो समुदाय को आगे बढ़ाने और प्रेरित करने वाले अग्रदूतों का जश्न मनाता है।
Read More...

ज़श्न-ए-उर्दू 2025: अदब, तहज़ीब और मोहब्बत का कारवां

उर्दू, अदब, सभ्यता, संस्कार अब मंचो, सम्मेलनों, मुशायरों की शोभा बन कर रह गयी है, घरों से उर्दू अदब, सभ्यता, संस्कार सब गायब हो गई - दानिशमंद, बशाऊर लोगों की रखैल बन कर रह गयी।
Read More...