बिहार हज यात्रियों के साथ बिहार सरकार का सौतेला रवैया – पूरे देश मे सब से महंगा…

गया से हज यात्रा सबसे महंगी क्यूँ ?— ₹4,01,885 प्रति यात्री- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जवाब दें, आखिर गया एयरपोर्ट के हज यात्रियों को इतना महंगा यात्रा शुल्क क्यूँ?
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पंजाबी आइकन अवार्ड्स समारोह

“बैसाखी की रात का यह वर्ष का संस्करण उद्योगों में पंजाबी उत्कृष्टता के लिए एक शानदार श्रद्धांजलि थी, जो समुदाय को आगे बढ़ाने और प्रेरित करने वाले अग्रदूतों का जश्न मनाता है।
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ज़श्न-ए-उर्दू 2025: अदब, तहज़ीब और मोहब्बत का कारवां

उर्दू, अदब, सभ्यता, संस्कार अब मंचो, सम्मेलनों, मुशायरों की शोभा बन कर रह गयी है, घरों से उर्दू अदब, सभ्यता, संस्कार सब गायब हो गई - दानिशमंद, बशाऊर लोगों की रखैल बन कर रह गयी।
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मृत्यु का मर्म और मोक्ष का मेला”

कभी कहते — "भीड़ में मरे तो मोक्ष मिलेगा", अब कहते — "भीड़ से डर है, व्यवस्था कड़ी रखो भैया।" क्या यही है त्याग? यही सन्यास? या है धर्म अब एक सुरक्षित विकास?
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पाखंडी बाबा – मुख पर राम राम बगल में छुरी

बाबा यदि वाकई आत्मा की अमरता में विश्वास रखते हैं, तो उन्हें सबसे पहले वाई श्रेणी सुरक्षा का त्याग करना चाहिए — क्योंकि असली संत वही है, जो सत्य के साथ निर्भय खड़ा हो।
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प्राकृति से छेड़-छाड़ के कारण वर्षा के बदल जाते हैं पैटर्न प्राकृति आपदाओं की भी बढ़ जाती है आवृति

क्योंकि, पेड़ की कटाई से कई तरह के नुकसान हो रहे हैं। साइंस का मानना है कि पेड़ न रहने के कारण पर्यावरण, पारिस्थितिकी तंत्र, जलवायु और मानव जीवन पर कई प्रकार के प्रभाव होते हैं।
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पत्रकारिता के माध्यम से बाबा साहेब ने की वैचारिक क्रांति: प्रो.संजय द्विवेदी

भारतीय विदेश नीति एवं सुरक्षा, श्रम सुधारों, सिंचाई व जल प्रबंधन एवं भाषा नीति आदि सभी विषयों पर उनके विचार एवं कार्य आज भी प्रासंगिक है।
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