आओ आज संविधान दिवस पर हर राजनीतिज्ञ को समाजसेवी लोकतंत्र बनाने का संकल्प लें। जिसके कारण शोषित-बंचित किसान मजदूर शिक्षित वेरोजगारों को न्याय मिल सके। Read More...
फ़रोग़ उर्दू ज़बान इस समय भारत हर जिले उर्दू के विस्तार के लिये पूरी मुस्तैदी कार्यरत है, इससे ऐसा लग रहा कि भारत सरकार उर्दू को बढ़ावा देने के एक अभियान स्वरूप सहयोग कर रही है Read More...
भ्रष्टाचार का अर्थ है किसी सार्वजनिक कार्य या शक्ति का व्यक्तिगत लाभ के लिए दुरुपयोग करना, जो कि समाज के विकास और न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ हो। Read More...
लगभग डेढ़ साल से चल रही यह हिंसा सवाल खड़े करती है कि सरकार या प्रशासन के कुछ अधिकारी इस संघर्ष का समर्थन करके और त्रासदी को लम्बा खींचकर अपने हितों की पूर्ति कर रहे हैं? Read More...
पुलिस की कार्रवाई संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन करती है। मस्जिद समिति का पक्ष सुने बिना सर्वेक्षण का आदेश देने का निर्णय न्यायिक निष्पक्षता में गंभीर चूक को दर्शाता है। Read More...
संविधान निर्माण के योगदान के अलावा उनके परिवार के अन्य योगदानों से एससी-एससी पिछड़ी जातियों के लोगों का कोई सरोकार नहीं है, ऐसा लग रहा है। Read More...
मुझे फूलों से बादल से हवा से चोट लगती है
अजब आलम है इस दिल का वफ़ा से चोट लगती है
वो जब से मर गया मुझ में न दस्तक है न बेचैनी
ख़मोशी है सदा मेरी सदा से चोट लगती है Read More...