बड़े न्यूज़ चैनलों और समाचार पत्रों को संचालित करने वाले उद्योगपतिओं व पूँजीपतिओं के मालिकों ने पत्रकारों को गुलाम बना लिया और उन्हें मंत्रिओं नेताओं के यहां झुकने पर मजबूर कर दिया। नतीजा आज पत्रकार सत्ता का गुलान और पत्रकारिता पत्रकारों की… Read More...
गालिब कबीर तुलसी और मीरा भी हैं यहां।
रसखान सूर के भी सुनते हैं हम भजन।।
भगत भी सुभाष भी अब्दुल हमीद और।
ज़िंदा थे ज़िंदा हैं ये शहीदाने हमवतन।। Read More...
चिड़ियाखाना एक क्लासिक अंडरडॉग एक दमित व्यक्ति की कहानी है- यह फ़िल्म भारत सरकार ने बनाई है-राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) ने बिहार सरकार को अनुरोध पत्र भेजा है - Read More...