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सूफी संतों का आस्ताना और गन्द का खजाना?

जबकी कई प्रदेशो से आने वाले ज़ायरीन (श्रद्धालु) आज भी खुले में सोने को मज़बूर हैँ, शौच एवं जल की सुचारु सुविधा ना होने के कारण दरगाह के पिछले हिस्से में मौजूद जलाशय में जाना पड़ता है
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हिंदी उर्दू एक ही मां को दो सन्तान

आज ही के दिन 1949 को देश की राष्ट्र भाषा हेतु मतदान हुआ था और हिंदी उर्दू दोनों के पक्ष में बराबर बराबर मत पड़े थे परन्तु देश के पहले राष्ट्रपति ने अपना एक मत हिंदी के पक्ष में दिया था
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हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी अकादमी दिल्ली के द्वारा कार्यशाला का आयोजन

भाषा या शब्द कठिन नहीं होते वह अपरिचित होते हैं जैसे-जैसे हम शब्दों से परिचित होते चले जाएंगे भाषा हमको बिल्कुल सरल लगने लगेगी।
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शीर्षक -दादा दादी सच ही कहते हैं

बुआ और दादी दादी हमेशा मुझसे कहते थे कि, हम सब तुम्हें डाक्टर बने देखना चहते है, हमारे सारे सपने तुमसे ही जुड़े है क्योंकि तुम मेरे बेटे की इकलौती संतान हो ।
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सौरभ भारद्वाज द्वारा केजरीवाल की राम से तुलना करना दुखद, प्रतिबंध के बावजूद पटाखे जलाने का समर्थन कर…

गोपाल राय दिल्ली के लोगों को त्योहारों की खुशी मनाने, गुरु पूरब, और दिवाली पर पटाखों पर तो प्रतिबंध लगा सकते है, परंतु एक आरोपी के जमानत पर रिहा होने पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पटाखे चलाने से नही रोक सकते
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