छठ मैया का आशीर्वाद अब हरियाणा पर भी, नायाब सिंह सैनी ने भी छठ मैया की महिमा को स्वीकारा
*मुख्यमंत्री ने महा छठ पर्व महोत्सव में करनाल में बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत*
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पश्चिमी यमुना नहर के किनारे पर स्थापित भगवान सूर्य देव मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा आर्शीवाद लिया।
*छठ महापर्व हमें प्रकृति से प्रेम, जल व वायु को स्वच्छ रखने और सामाजिक समरसता का देता है संदेश:- नायब सैनी*

*मुख्यमंत्री ने महा छठ पर्व महोत्सव में करनाल में बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत*
एमपीएनएन न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली, 7 नवंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को महा छठ पर्व महोत्सव के अवसर पर करनाल में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पश्चिमी यमुना नहर के किनारे पर स्थापित भगवान सूर्य देव मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा आर्शीवाद लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समिति की ओर से रखी गई सभी मांगों को स्वीकार किया और अपने ऐच्छिक कोष से 21 लाख रुपये की राशि अनुदान के रूप में देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह मेरा परम सौभाग्य है कि सूर्य पुत्र महावीर-दानवीर कर्ण की नगरी करनाल में छठ पर्व की पूजा में शामिल होने का अवसर मिला है। मैं सभी माताओ-बहनों को छठ महापर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ। साथ ही कामना करता हूं कि छठ मैया सदैव आपकी झोली खुशियों से भरकर रखे। उन्होंने कहा कि मूल रूप से पूर्वांचल में मनाया जाने वाला यह पर्व अब विभिन्न प्रदेशों की सीमाएं लांघकर देशभर में मनाया जाने लगा है।

उन्होंने कहा कि छठ महापर्व हमें प्रकृति से प्रेम, जल व वायु को स्वच्छ रखने और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। सूर्य की उपासना की परंपरा इस बात का प्रमाण है कि हमारी संस्कृति व आस्था का प्रकृति से गहरा जुड़ाव है। छठ पूजा के जरिए हमारे जीवन में सूर्य के प्रकाश के महत्व को बताया गया है। चढ़ते सूरज की पूजा हर कोई करता है, लेकिन आप सूरज के हर रूप की पूजा करते हैं। इसमें ढलते सूरज की पूजा करना भी अद्भुत है। इससे यह संदेश जाता है कि हमें जीवन के उतार-चढ़ाव में समान भाव रखना चाहिए। छठ पूजा को सूर्य उपासना का सबसे पवित्र पर्व माना गया है। ऊर्जा और जीवन शक्ति के देवता सूर्य नारायण की पूजा इस पर्व के दौरान मनोकामना पूर्ति, समृद्धि और प्रगति प्रदान करने के लिए की जाती है। इस पर्व के दौरान सभी श्रद्धालु जल में खड़े होकर भगवान सूर्यनारायण को जल अर्पित करते हैं। इससे हमारे मन में यह भाव भी दृढ़ हो जाता है, जिस तीर्थ के जल में हम पूजा करते हैं, उसे साफ-सुथरा रखना हमारा कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्र की तरह यह पर्व भी साल में दो बार मनाया जाता है. पहली बार चैत्र मास में और दूसरी बार कार्तिक मास में आता है। छठ पूजा का सम्बन्ध हरियाणा से भी है। एक मान्यता के अनुसार छठ पर्व की शुरुआत महाभारत काल में हुई थी। सबसे पहले सूर्यपुत्र कर्ण ने सूर्यदेव की पूजा शुरू की थी। आज भी यहां सूर्य पूजा का विशेष प्रभाव दिखता है। यह पर्व आपसी प्रेम और समानता का संदेश भी देता है।
उन्होंने कहा कि भगवान सूर्यनारायण मन्दिर इसी आस्था और श्रद्धा का परिणाम है। हर साल हजारों श्रद्धालुओं द्वारा यहां छठ पर्व मनाने की परंपरा को देखते हुए हरियाणा सरकार ने पश्चिमी यमुना कैनाल पर 4 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से स्नान घाट का निर्माण किया है। खुशी की बात है कि इसी घाट के सामने नहर के दूसरे किनारे पर भी स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत एक और घाट का निर्माण हो चुका है। आज भी इन घाटों पर भारी संख्या में महिलाएं पूजा कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल परिवारों की महिलाएं बहुत मेहनती है और हर समय अपने परिवार के लिए कठोर साधना करती है। इसी साधना का परिणाम यह है कि छठ पूजा के दिन घंटों पानी में खड़े रहकर भगवान श्री सूर्य नारायण की पूजा करती है। आज भी अनेक माताएं-बहनें यह पूजा कर रही हैं। उन्होंने उनकी श्रद्धा, सहन शक्ति, धैर्य और साहस को प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि आप सबने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संकल्प को पूरी तरह साकार करके दिखाया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ही मार्गदर्शन में “श्रमेव जयते” में विश्वास करते हुए पिछले 10 वर्षों में गरीब जनता की सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। जहां श्रमिकों की कार्यस्थल पर सुरक्षा को मजबूत बनाया है, वहीं उनका दुर्घटना बीमा भी किया जाता है और उनके सामाजिक सरोकारों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है। श्रमिक परिवारों को कन्यादान स्कीम के तहत तीन बेटियों की शादी तक हर शादी में 51 हजार रुपये का कन्यादान तथा 50 हजार रुपये शादी का प्रबंध करने के लिए दिये जाते हैं। इसी प्रकार, बेटे व स्वयं की शादी पर भी 21 हजार रुपये की शगुन राशि दी जाती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला निर्माण श्रमिक सम्मान योजना के तहत सभी पंजीकृत श्रमिक बहनों को कपड़ों व उनकी व्यक्तिगत जरूरत के लिए 5100 रुपये की सालाना वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके अलावा महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन खरीदने के लिए 4500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। महिला श्रमिकों को प्रसूति के उपरांत 36 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। श्रमिक की कार्यस्थल पर दुर्घटना होने पर श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा तुरन्त 3 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। बोर्ड द्वारा श्रमिकों की दिव्यांगता पेंशन 3,000 रुपये कर दी गई है और 60 वर्ष की आयु उपरान्त 1000 रुपये की राशि अतिरिक्त दी जाती है। मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिक की काम के दौरान दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर श्रमिक के परिवार को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के कल्याण के लिए हरियाणा असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा बोर्ड गठित किया गया है। न्यूनतम वेतन प्रणाली की विसंगतियों को भी दूर किया है।
*मुख्यमंत्री नायब सैनी राजधर्म का पालन करते हुए कर रहे है जनसेवा:- जगमोहन आनन्द*
इस अवसर पर करनाल के विधायक श्री जगमोहन आनन्द ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी तथा अन्य जनप्रतिनिधियों को स्वागत किया और हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने पुराने हलके के लोगों से आज भी उतना ही प्रेम प्यार करते है जितना सीएम सिटी रहते हुए करते थे। यह इनके प्रेम-प्यार का ही परिणाम है कि आज छठ महापर्व के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और भगवान सूर्य देव से आर्शीवाद लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सैनी अपने राजधर्म का पालन करते हुए जनसेवा कर रहे है और गरीब लोगों की भलाई के लिए नीत नई-नई योजनाएं लागू कर रहे है।
इस मौके पर हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण, विधायक श्री जगमोहन आनंद, विधायक श्री राम कुमार कश्यप, विधायक श्री योगेन्द्र राणा, विधायक श्री भगवानदास कबीरपंथी भी उपस्थित थे ।
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*कुरुक्षेत्र में भव्य अंदाज में मनाया गया छठ उत्सव*
*ब्रह्मसरोवर पर आयोजित राज्य स्तरीय छठ पूजा महोत्सव में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की शिरकत*
*छठ पर्व एक भारत श्रेष्ठ भारत का उत्तम उदाहरण- मुख्यमंत्री*
नई दिल्ली, 7 नवंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सूर्य की उपासना का प्रतीक और लोक परंपराओं के महापर्व छठ उत्सव के अवसर पर आज जिला कुरुक्षेत्र में पवित्र ब्रह्मसरोवर पर आयोजित राज्य स्तरीय छठ पूजा महोत्सव में शिरकत की और सभी को छठ उत्सव की शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सूर्य ग्रहण के समय देश-विदेश के श्रद्धालुओं द्वारा जिस पावन तीर्थ में डुबकी लगाई जाती है, आज उस ब्रह्मसरोवर पर छठ पर्व की आस्था और शोभा को देखकर गर्व का अनुभव हो रहा है। यह पर्व भी सूर्य की उपासना का पर्व है। छठ पूजा को सूर्य उपासना का सबसे पवित्र पर्व माना गया है। ऊर्जा और जीवन शक्ति के देवता सूर्य नारायण की पूजा इस पर्व के दौरान मनोकामना पूर्ति, समृद्धि और प्रगति प्रदान करने के लिए की जाती है। सूर्य की उपासना की परंपरा इस बात का प्रमाण है कि हमारी संस्कृति व आस्था का प्रकृति से गहरा जुड़ाव है। छठ पूजा के जरिए हमारे जीवन में सूर्य के प्रकाश के महत्व को बताया गया है।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा से छठ पूजा के सम्बन्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि एक मान्यता के अनुसार छठ पर्व की शुरुआत महाभारत काल में हुई थी। सबसे पहले सूर्यपुत्र कर्ण ने सूर्यदेव की पूजा शुरू की थी। यहां से 35 किलोमीटर की दूरी पर ही महावीर दानवीर कर्ण की नगरी करनाल स्थित है। वहां आज भी सूर्य पूजा का विशेष प्रभाव दिखता है। उन्होंने कहा कि करनाल में सूर्यनारायण मंदिर के सामने पश्चिमी यमुना कैनाल पर 4 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से स्नान घाट का निर्माण किया गया है। इसी घाट के सामने नहर के दूसरे किनारे पर भी स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत एक और घाट का निर्माण हो चुका है। वहां छठ पर्व पर भारी संख्या में महिलाएं पूजा करती हैं।
*छठ पर्व एक भारत श्रेष्ठ भारत का उत्तम उदाहरण*
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि छठ पर्व को एक भारत श्रेष्ठ भारत का उत्तम उदाहरण कहा जा सकता है। मूल रूप से पूर्वांचल में मनाया जाने वाला यह पर्व अब विभिन्न प्रदेशों की सीमाएं लांघकर देशभर में मनाया जाने लगा है। पूर्वांचल के मेहनती और कर्मठ भाई-बहन आज विभिन्न प्रदेशों में अपनी कड़ी मेहनत से वहां की अर्थव्यवस्था में योगदान कर रहे हैं। इसलिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने छठ पर्व को राष्ट्रीय पर्व की संज्ञा दी है।
उन्होंने कहा कि छठ पूजा हेतु साफ पानी के लिए आपको नहर पर अधिक निर्भर रहना पड़ता है। जहां नहर उपलब्ध नहीं है, वहां आप छोटे-छोटे अस्थायी तालाब बनाकर उनमें पानी भरकर पूजा करते हैं। हरियाणा सरकार पानी के स्रोत का प्रबंध करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के लोगों ने अपनी कठोर मेहनत से हरियाणा के विकास में अहम योगदान दिया है।
*मातृशक्ति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का किया प्रावधान*
मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति की क्षमताओं को पहचानते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि आज छठ पूजा के पावन अवसर पर गर्व का अनुभव हो रहा हैं कि पूर्वांचल के लोगों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संकल्प को पूरी तरह साकार करके दिखाया है। प्रधानमंत्री के ही मार्गदर्शन में हमने श्रमेव जयते में विश्वास करते हुए पिछले 10 वर्षों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। एक ओर जहां श्रमिकों की कार्यस्थल पर सुरक्षा को मजबूत बनाया है, वहीं उनका दुर्घटना बीमा भी किया जाता है और उनके सामाजिक सरोकारों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। श्रमिक परिवारों को कन्यादान स्कीम के तहत तीन बेटियों की शादी तक हर शादी में 51 हजार रुपये का कन्यादान तथा 50 हजार रुपये शादी का प्रबंध करने के लिए दिये जाते हैं। इसी प्रकार, बेटे व स्वयं की शादी पर भी 21 हजार रुपये की शगुन राशि दी जाती है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला निर्माण श्रमिक सम्मान योजना के तहत सभी पंजीकृत श्रमिक बहनों को कपड़ों व उनकी व्यक्तिगत जरूरत के लिए 5100 रुपये की सालाना वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके अलावा महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन खरीदने के लिए 4500 रुपये की वित्तीय सहायता तथा प्रसूति के उपरांत 36 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पूर्वांचल के लोगों सहित सभी नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री सुभाष सुधा सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य स्तरीय छठ महोत्सव में अस्ताचलगामी सूर्य भगवान को अर्पित किया अर्घ्य*
*मुख्यमंत्री ने ब्रह्मसरोवर पर की महाआरती और पूजा अर्चना*
नई दिल्ली, 7 नवंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज जिला कुरूक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर और पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित राज्य स्तरीय छठ महोत्सव में अस्ताचलगामी सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित किया। साथ ही उन्होंने मंत्रोच्चारण के बीच परम्परा अनुसार देश के नागरिकों के लिए मनोकामना पूर्ति, समृद्धि और प्रगति के लिए पूजा अर्चना की।
कार्यक्रम में प्रसिद्घ लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी, काव्य कृष्णा मूर्ति सहित अन्य कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रसिद्घ लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी, काव्य कृष्णा मूर्ति सहित अन्य कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में पूर्व राज्यमंत्री श्री सुभाष सुधा, छठ पर्व सेवा समिति के अध्यक्ष श्री संतोष पासवान, श्री पूर्वांचल छठ पर्व महासभा के अध्यक्ष राजीव राय, श्री गौ गीता गायत्री संगठन के अध्यक्ष अनिल शास्त्री ने भी पावन तट पर मुख्यमंत्री के साथ पूजा अर्चना की।
मुख्यमंत्री ने छठ पर्व की देशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छठ मैया सदैव देशवासियों के लिए खुशियां लेकर आए क्योंकि छठ पूजा को सूर्य उपासना का सबसे पवित्र पर्व माना गया है। इस पर्व पर जीवन शक्ति के देवता सूर्य नारायण की पूजा करके समृद्धि मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
इस छठ पूजा राज्य स्तरीय महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया। इन श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की तरफ से पुख्ता इंतजाम किए गए।
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