शैक्षिक विकास के लिए मर्कज़ी तालीमी बोर्ड का वित्त मंत्री को महत्वपूर्ण सुझाव
जमाते इस्लामी हिन्द ने शिक्षकों की शैक्षिक और भावनात्मक दोनों आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अल्पसंख्यक इलाक़ों में विशेष शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने और परामर्श केन्द्रों की स्थापना की वकालत की।
जमाते इस्लामी हिन्द ने छात्रवृत्तियों की संख्या और राशि दोनों बढ़ाने की सिफारिश की तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में बुनियादी ढांचे, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और डिजिटल पुस्तकालयों के लिए अधिक धनराशि आवंटित करने की मांग की।
मुसलमानों के शैक्षिक स्तर को सुधारने के लिए प्रोफेसर सलीम ने अल्पसंख्यक बहुल जिलों में मुस्लिम लड़कियों के लिए छात्रावासों के निर्माण का प्रस्ताव रखा। उन्होंने मुसलमानों की शैक्षिक स्थिति का आकलन करने के लिए एक विशेष आयोग गठित करने की भी सिफारिश की तथा कॉलेजों से स्नातक करने वाले मुस्लिम छात्रों के लिए एक विशेष छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का सुझाव दिया। इसके अलावा, उन्होंने उर्दू माध्यम के स्कूलों में सुधार, उनके लिए विशेष बजट के आवंटन और तकनीकी सुविधाओं के प्रावधान सहित आधुनिक शिक्षा प्रणालियों के अनुरूप मदरसों को उन्नत करने का आह्वान किया।
प्रोफेसर इंजीनियर मोहम्मद सलीम ने इन सुझावों के अंत में वित्त मंत्री से आगामी केंद्रीय बजट में शामिल करने की अपील की, जिससे न केवल अल्पसंख्यकों की शैक्षिक प्रगति में योगदान मिलेगा, बल्कि उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि ये प्रस्ताव अल्पसंख्यक समुदायों के लिए बेहतर शिक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

