“सरकारी कत्ल -ए- आम 1984” सीखों के नरसंहार एक दर्दनाक दास्तान।

84 के दंगे पर निर्माता निर्देशक विक्रम संधू की फ़िल्म "सरकारी कत्ल -ए- आम 1984" का रेफरेंस टीज़र लॉन्च

84 के दंगों की कहानी सुन कर आज भी मेरे रोंगटे खड़े हो जाते है-उस दंगे का मेरे पूर्वजो ने भी उस दर्द को झेला है – मैन सोंच लिया था इस सच्ची घटना पर में फ़िल्म बनाऊंगा – सरदार विक्रम संधू

“सरकारी कत्ल -ए- आम 1984” सीखों के नरसंहार एक दर्दनाक दास्तान

84 के दंगे पर निर्माता निर्देशक विक्रम संधू की फ़िल्म “सरकारी कत्ल -ए- आम 1984” का रेफरेंस टीज़र लॉन्च

नई दिल्ली – कई गणमान्य हस्तियां, सेलेब्रिटीज़ और दंगे में शहीद हुए लोगों की विधवाएं हुईं शामिल।

Addsaudi01

1984 की वो घटना आज भी लोग याद करके सहम जाते हैं जो सिखों के लिए ज़ुल्म, अत्याचार और बर्बादी का साल कहलाता है। लाखों सिखों ने वो दर्द झेला जो कभी भुलाया नहीं जा सकता। सिख समुदाय से सम्बंध रखने वाले निर्माता निर्देशक विक्रम संधू ने उसी दर्द को बिग स्क्रीन पर प्रस्तुत करने की हिम्मत जुटाई है।

पिछले दिनों 31 अक्टूबर को दिल्ली के गुरुद्वारा रोड, पार्लियामेंट स्ट्रीट पर स्थित गुरुद्वारा रकबगंज साहिब की सच की दीवार पर विक्रम संधू की फ़िल्म “सरकारी कत्ल -ए- आम 1984” का रेफरेंस टीज़र लॉन्च किया गया। यह हिंदी फीचर फिल्म वीएस फ़िल्म वर्ल्डवाइड के बैनर तले बनाई जा रही है। इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति और सेलेब्रिटीज़ भी मौजूद रहे।

फ़िल्म का टीज़र उसी जगह पर लांच किया गया, जहां पर उन सिखों की याद में मेमोरियल बनाया गया है। आरजे अनुराग पाण्डेय ने इस इवेंट को होस्ट किया जबकि यहां अली असगर, दीपक कुमार, दीपराज राणा, संजय स्वराज, जान्हवी वोरा, गुलशन पाण्डेय, संजीव जोतंगिया, दिव्या लक्ष्मी, पम्मी बाई (पंजाबी ऎक्टर), हॉबी धारीवाल, राज धारीवाल और तरुण मेदान (स्पेशल गेस्ट पंचकूला) की उपस्थिति देखी गई।

सम्मानीय डेलीगेट्स में सरदार मजिन्दर सिंह सिरसा (भाजपा के राष्ट्रीय सचिव), सरदार हरप्रीत सिंह कालका (अध्यक्ष सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमिटी), सरदार जगदीप सिंह कहलोन (जेनरल सेक्रेटरी, दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमिटी), सरदार हरविंदर सिंह फुल्का (एडवोकेट 1984 के सिख विरोधी दंगे), पदमश्री सरदार जगजीत सिंह दर्दी, सरदार भूपेंद्र सिंह भुलर, सरदार डॉ रवेल सिंह का नाम उल्लेखनीय है।

इस फ़िल्म को वीएस फिल्म्स के विक्रम संधू प्रोड्यूस और डायरेक्ट कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि 84 के दंगों की बात सुनकर आज भी मेरे रौंगटे खड़े हो जाते हैं। मैं भी सिख समुदाय से हूँ और मेरे पूर्वजो ने भी उस दर्द को झेला है। मैंने बहुत पहले सोच लिया था कि इस सच्चाई को मैं पर्दे पर एक दिन दिखाऊंगा। आज मैं ने हिम्मत और हौसला करके इसकी शुरुआत कर दी है।

इस कार्यक्रम में उस घटना में शहीद हुए लोगों की विधवाओं को विक्रम संधू ने शॉल और किट्स देकर सम्मानित किया।

ZEA
Leave A Reply

Your email address will not be published.