ऑल पत्रकार असोसिएशन यमुनापार द्वारा पर्यावरण दिवस के अवसर पर सकारात्मक पत्रकारिता सम्मान समारोह।…

पर्यावरण दिवस के इस कार्यक्रम को सुनियोजित तरीके से आयोजित करें, इसलिये की आज सबसे ज्यादा प्रदूषण यानी गंदगी मीडिया मे ही है। इसे स्वक्ष करना अति-आवश्यक है।
Read More...

Encroachment हटाओ: Rekha Gupta की High-Level Meeting में बड़ा फैसला

बिल्डरों, प्रशासन पदाधिकारियो अपराधियों के नाम पर बनाये गए क़ानून का दुरुपयोग गरीबों के कालोनियों, झुग्गी झोपड़ियों पर कार्रवाई, गरीबो के रोजगारों को उजाड़ने फरमान जारी।
Read More...

बशीर बद्र को आख़िरी सलाम -उर्दू अदब का एक रोशन चिराग बुझ गया।

दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे,** जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों।" ** जी बहुत चाहता है सच बोलें,** **क्या करें हौसला नहीं होता।"
Read More...

15वें दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का भव्य ‘पोस्ट-फेस्टिवल अवॉर्ड समारोह’ संपन्न

दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DIFF) देश की राजधानी का एक प्रतिष्ठित और अग्रणी वैश्विक सिनेमा मंच है, जिसकी स्थापना प्रसिद्ध फिल्म निर्माता व लेखक रामकिशोर पारचा ने की थी।
Read More...

जेट ली: हॉलीवुड और चीनी फ़िल्मों के सुपर स्टार

उन्होंने अपनी आध्यात्मिक ज़िंदगी पर ध्यान दिया और तिब्बती बौद्ध धर्म का अध्ययन किया। लेकिन एक बौद्ध गुरु ने उनसे कहा कि उनका यह फ़र्ज़ है कि वे अपना काम जारी रखें।
Read More...

उर्दू जगत को अपने क़लम से हराभरा रखने वाले एक होनहार माली साहित्यकार इस संसार को अलविदा कह गये!

वह न केवल एक बेहतरीन लेखक थे, बल्कि नई पीढ़ी के बौद्धिक और साहित्यिक जीवन को दिशा देने में उनकी भूमिका को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके व्यक्तित्व में ज्ञान, शालीनता, सहनशीलता और सांस्कृतिक मूल्यों का एक सुंदर मिश्रण था।
Read More...

The BJP is reaping the harvest sown by the Congress—Now Congress is crying and the public is left…

जहां एक ओर दिल्ली का आम नागरिक ईंधन की बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है, वहीं दिल्ली की BJP सरकार अमीर वर्ग के लिए जेट ईंधन पर टैक्स कम करने में व्यस्त है – श्री देवेंद्र यादव*
Read More...

मोदी का मुखौटा – मुख पर राम राम बगल में छुरी – सऊदी के मुसलमानों से मोहब्बत और घर के…

सियासत की ताकत कुर्सियों से मिल सकती है, लेकिन दिलों पर हुकूमत सिर्फ इंसानियत करती है - अगर दिल टूट जाएं, अगर समाज बंट जाए, अगर अल्पसंख्यकों को हर वक्त अपने वजूद की सफाई देनी पड़े, तो तरक्की की चमक भी अधूरी लगती है।
Read More...