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हिंदुस्तान में अब ज़ाती धर्म और आस्था – यही है समाज की अब पराकाष्ठा

जात बिरादरी और मजहब के नाम पर ही लड़ा जा रहा है टिकटों की तकसीम बिरादरी और मजहब देखकर की जाती है और इसे फतह कामरानी के लिए सियासी हथकंडा करार दिया जाता है
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नवनिर्मित सड़क के नामकरण को लेकर शहिद के पुत्र और ग्रामीणों ने डीएम को लिखा पत्र

उल्लेखनीय है कि शहादत से पूर्व अंग्रेज हुकूमत ने सन 1932 ईस्वी में 6 महीने तक के लिए मल्लीक वायजुल हक को जहानाबाद जेल में कैद रखा
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