बांकीपुर की हार अंत नहीं है। यदि इससे सीख ली गई, तो यही हार भविष्य की सबसे बड़ी जीत की नींव बन सकती है। राजनीति में वही नेतृत्व इतिहास रचता है, जो समय की आवाज़ सुनने का साहस रखता है। Read More...
دستور ہند کے آرٹیکل 29 میں کسی بھی سماجی طبقے کو اپنی زبان اور تہذیب کے تحفظ کا حق حاصل ہے اور اس کا استعمال کرتے ہوئے ہم اپنی زبان کے تحفظ و فروغ کے لیے کلیتاً آزاد ہیں، بلکہ اس کے لیے احتجاج بھی کر سکتے ہیں ۔ پروفیسر فیضان مصطفی نے کہا کہ… Read More...
आपने भाजपा से ‘जुमला राजनीति’ तो सीख ली, लेकिन ये भूल गए कि बिहार के लोग अब सोशल मीडिया और ज़मीनी हकीकत – दोनों को समझने लगे हैं। उन्हें सिर्फ नाम नहीं, काम चाहिए। गयाजी बन जाने से न पर्यटन बढ़ेगा, न रोज़गार मिलेगा। बिहार को चाहिए योजनाएं,… Read More...
उर्दू, अदब, सभ्यता, संस्कार अब मंचो, सम्मेलनों, मुशायरों की शोभा बन कर रह गयी है, घरों से उर्दू अदब, सभ्यता, संस्कार सब गायब हो गई - दानिशमंद, बशाऊर लोगों की रखैल बन कर रह गयी। Read More...
इतिहास गवाह है कि बिहार ने हर कठिन परिस्थिति में अपनी राह खुद बनाई है। चाहे स्वतंत्रता संग्राम हो या सामाजिक सुधार की बात, बिहारवासियों ने सदैव अपने संघर्ष से मिसाल पेश की है। Read More...
यह हदीसें बताती हैं कि व्यापार और वित्तीय प्रबंधन सिर्फ आर्थिक गतिविधियाँ नहीं, बल्कि इस्लाम में बहुत सम्मानजनक पेशे हैं, अगर उन्हें ईमानदारी और सच्चाई से किया जाए। Read More...