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जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने भारत-पाकिस्तान युद्धविराम का स्वागत करते हुए स्थायी शांति प्रयासों का आह्वान…

"हम संघर्ष में अपनी जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति भी अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं। हम भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि वह मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान करे तथा नागरिकों और समुदायों - विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में…
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*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के नव-चयनित सदस्य*

प्रतिनिधिमंडल ने सिख समाज से संबंधित कुछ सुझाव भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखे, जिन पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया।
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जमाते इस्लामी हिन्द ने पहलगाम में आतांकि हमले कड़ी निंदा करते हुए, मृतक परिवार को संतावना और सरकार से…

पहलगाम आतंकी हमला अत्यंत चिंताजनक है तथा कश्मीर में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सरकार की रणनीतियों के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता है।
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“नेताओं की देशभक्ति की अग्निपरीक्षा, सेना में बेटा भेजो, पेंशन लो!”

पेंशन कोई सम्मान नहीं, एक ज़िम्मेदारी होनी चाहिए – जो तभी मिले, जब परिवार भी राष्ट्र सेवा में उतरे। आम नागरिक के टैक्स पर ऐश करना बंद हो, अब बारी है नेता भी हिस्सा लें – सरहद पर, ज़मीन पर, और ज़िम्मेदारी में। वर्ना जनता सिर्फ सुनती रहेगी,…
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आंगन में खिलती छह ख़ुशियाँ: किसान राजेश के बच्चों की अनूठी शादी की कथा

बेटियों के विवाह की चिंता और बेटों के घर बसाने की योजना — यह सब किसी भी आम भारतीय पिता के जीवन का हिस्सा बनते हैं।
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पहलगाँम आतांकि हमला एक सोंची समझी साजिश तो नही?

इस हमले की जितनी भी आलोचना, जितनी भी भर्त्सना, जितनी भी निंदा की जाये कम कम ही होगी, लेकिन केंद्र सरकार को अपनी नीति सुनिश्चित करनी चाहिये, कहीं आतांकि के नाम पर किसी विशेष समुदायें के निदोष लोगों निशाना न बनाया जाने लगे। सिक्के के दो…
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बिहार हज यात्रियों के साथ बिहार सरकार का सौतेला रवैया – पूरे देश मे सब से महंगा…

गया से हज यात्रा सबसे महंगी क्यूँ ?— ₹4,01,885 प्रति यात्री- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जवाब दें, आखिर गया एयरपोर्ट के हज यात्रियों को इतना महंगा यात्रा शुल्क क्यूँ?
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मौलाना अली हुसैन आसिम के जन्म दिवस को पसमांदा यौम-ए-इत्तेहाद (Solidarity Day) के रूप में मनाया जाए:…

जब दलित मुस्लिम, ओबीसी मुस्लिम और पसमांदा तबक़ात आला तालीम याफ़्ता होंगे, अपनी मजबूत तन्ज़ीम बनाकर बुनियादी और आइनी हुक़ूक़ के लिए मुत्तहिद होकर जद्दोजहद करेंगे।
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