आख़िरी नबी मुहम्मद सल्ल अल्लाह ओ अलैह ए वसल्लम के जीवन मे उन्होंने ने तरावीह की नमाज़ समूह के साथ अदा नहीं की और न उनके वंशज जिन्हें अहल ए बैत कहते हैं Read More...
इस बदलाव की विशेषता यह है गरीब लोगों की सांत्वना और पीड़ा को महसूस करना और उनके साथ सच्ची सहानुभूति रख कर उन्हें निस्वार्थ भावना से मदद करना। Read More...
जक़ात-इस्लाम का आधारभूत स्तंभ है- स्थानीय तौर पर ज़रूरतमंदों पर खर्च हो-ज़कात की रक़म मुसलमानों के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक विकास में भी व्यय होनी चाहिए - एस अमीनुल हसन Read More...
मीडिया बहुत बड़ा धड़ सरकार के दबाव में काम कर रहा है - और कुछ विज्ञापन के दवाओं में सामाजिक कार्यकर्ता सरकार के अंदर काम करते हैं - सिद्धार्थ वरदराजन Read More...